ye aankhoñ ko badaa achha lage hai | ये आँखों को बड़ा अच्छा लगे है

  - SALIM RAZA REWA

ये आँखों को बड़ा अच्छा लगे है
तिरे दीदार का चस्का लगे है

ज़रा अनुभव में वो कच्चा लगे है
मग़र वो आदमी सच्चा लगे है

खपा दी ज़िंदगी ग़ुरबत में जिसने
ख़ज़ाना भी उसे कचरा लगे है

मुसलसल गुफ़्तगू हो यार की तो
दिल-ए-बीमार को अच्छा लगे है

जो धोका खा चुका हो प्यार में तो
उसे हर आदमी झूठा लगे है

  - SALIM RAZA REWA

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