रहेगा यूँँ हमारे पास कब तक
तुम्हारे दर्द का एहसास कब तक
उतर जाएगी वो लड़की भी दिल से
रहेगा एक तारा ख़ास कब तक
तू इक दिन हाँ कहेगी दिल को मेरे
रहेगी देखते हैं आस कब तक
कभी तो हार कर नीचे गिरेगा
परिंदा सह सकेगा प्यास कब तक
फिर इक दिन पीछे हट जाऊँगा मैं भी
दिलाऊँ प्यार पे विश्वास कब तक
चले आओ लखन अब देर कैसी
सहेगी उर्मिला वनवास कब तक
— Sanskar Shrivastav















