हँसता है तो हर लेता है हर पीर हमारी
इक शख़्स बदल देता है तासीर हमारी
रहते हैं ख़फ़ा हम से सभी ख़्वाब हमारे
ख़्वाबों से ख़फ़ा रहती है ता'बीर हमारी
दीदार की हसरत लिए आँखों में किसी दिन
दीवार पे लग जाएगी तस्वीर हमारी
आँखों से वो दे देता है जाने की इजाज़त
अश्कों को बना देता है ज़ंजीर हमारी
आँखों के किनारों पे वो काजल की लकीरें
वापस हमें रखनी पड़ी शमशीर हमारी
बाक़ी तो तेरा जिस्म ये तुझको ही मुबारक
हँसते हुए ये होंठ हैं जागीर हमारी
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