Shakir Dehlvi

Shakir Dehlvi

@shakir-dehlvi

Shakir Dehlvi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shakir Dehlvi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
हर भरम टूट गया साँस जो टूटी अपनी
हम तो समझे थे कि हम से ही चलेगी दुनिया
Shakir Dehlvi
क्या कहा याद आ रहा हूँ मैं
फिर कोई छोड़ कर गया है क्या
Shakir Dehlvi
एक मज़लूम और इक ज़ालिम
दो ही मज़हब हैं सारी दुनिया में
Shakir Dehlvi
बा अदब बा मुलाहिज़ा सुनिए
इश्क़ बिन ये अदब नहीं आता
Shakir Dehlvi
सब के अंदर है इक अधूरापन
सब के हिस्से में सब नहीं आता
Shakir Dehlvi
टूटें न उसके ख़्वाब सो आवाज़ दी नहीं
ऐसा नहीं कि दर्द दोबारा नहीं हुआ
Shakir Dehlvi
आप जैसों की दिल्लगी के लिए
दिल हमारे बनाए जाते हैं
Shakir Dehlvi
ख़ामुशी दूरियाँ बढ़ाती है
और बढ़ाती है बद-गुमानी भी
Shakir Dehlvi
अभी चुभता हूँ आँखों में तुम्हारी
दुआओं में मुझे माँगा करोगे
Shakir Dehlvi
ये साल भी रुख़्सत हुआ इक उम्र चुरा कर
हम हैं कि उसे जाता हुआ देख रहे हैं
Shakir Dehlvi
अना का पास रखेगा वो सामने मेरे
वो शख़्स जाके कहीं मुझसे दूर टूटेगा
Shakir Dehlvi
ये जो तुम तल्ख़ियाँ लहजे में लिए फिरते हो
सह न पाओगे मियाँ हमने जो तेवर बदला
Shakir Dehlvi
मैं उनकी क्या से क्यूँ से लड़ रहा हूँ
वो मेरी हाॅं से हूँ से लड़ रहे हैं
Shakir Dehlvi
ख़ूँ जला दो मेरा चराग़ों में
रौशनी कम न हो ख़याल रहे
Shakir Dehlvi
इक अधूरा ख़्वाब जो अक्सर डराता था मुझे
तेरा जाना उस अधूरे ख़्वाब की ताबीर है
Shakir Dehlvi
हमसे पूछें भरी बहार का दुख
ये जो वीरानियों को रोते हैं
Shakir Dehlvi
आरज़ी तेरी तरह तेरी हर इक शय निकली
ज़िन्दगी छोड़ भी जा तेरा हुनर देख लिया
Shakir Dehlvi
इसलिए भी मेरा जाना है ज़रुरी शाकिर
मुन्तज़िर हैं मेरे तलवार निकाले हुए लोग
Shakir Dehlvi
हम हैं उस दौर के आशिक़ कि जहाँ अहल-ए-जुनूँ
दिल में दीदार की हसरत लिए मर जाते थे
Shakir Dehlvi
मौत मंज़िल थी हमारी और हम थे नासमझ
उम्र भर जीते रहे बस ज़िन्दगी के वास्ते
Shakir Dehlvi

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