देख लो हो गया तुम्हारा दिल
ये धड़कता हुआ हमारा दिल
अब किसी काम में नहीं लगता
जैसे तैसे करे गुज़ारा दिल
फिर वही शख़्स याद आया है
फिर उसी के लिए पुकारा दिल
जाने किस दिन सुकून पाएगा
हाए तक़दीर का ये मारा दिल
अपने बारे में भी नहीं सोचा
कितना मासूम है हमारा दिल
जिस तरफ़ दुख हों 'अंदलीब' उधर
अब नहीं जाएगा दोबारा दिल
— shampa andaliib















