जाने किस बात की वो लड़की सजा देती हैमेरे सारे लिखे अश'आर मिटा देती हैमेरे तहरीर किए ख़त मिले भी तो कैसेमेरे भेजे वो कबूतर तो उड़ा देती है— Shivang Tiwari