इश्क़ कर के मैं फ़क़त दर्द कमा लाया हूँ

दिल दुखाने का ये सामान जुटा लाया हूँ

हादसा दूसरा हो कोई अलग बात है ये
भूक से मौत न हो इतना कमा लाया हूँ

ख़ाक होने के इरादे थे वहीं पर दिल के
जैसे तैसे तेरे कूचे से उठा लाया हूँ

इस दफ़ा आँखें नहीं देंगी मुझे धोका कोई
अपने अश्कों में लहू थोड़ा मिला लाया हूँ

वहम में हूँ कि मिरे दिन भी सॅंवर जाऍंगे
इक नुजूमी को मैं फिर हाथ दिखा लाया हूँ

उस के दिल को भी कर आया ज़रा सा बेचैन
अपने दिल को भी नया रोग लगा लाया हूँ

— Sohil Barelvi

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