ये मुश्किल काम है लेकिन करेंगे हम
किसी दिन इश्क़ है तुझ से कहेंगे हम
मोहब्बत से मुकरना ही नहीं आता
तेरे हैं ग़र तो तेरे ही रहेंगे हम
कोई वा'दा नहीं कर सकता मैं लेकिन
जहाँ तक साथ चलना है चलेंगे हम
तेरी आँखें जो इतनी ख़ूब-सूरत हैं
कि इनसे सौ बरस ग़ज़लें कहेंगे हम
— ABhishek Parashar















