मुझे दे कर गया है बद-दुआ कोई
मुझे दिखता नहीं है रास्ता कोई
वही खोया मुझे चाहत थी जिसकी सो
ख़ुदास अब नहीं है वास्ता कोई
मैं तन्हा रात में ये सोचता हूँ दोस्त
मुझे क्यूँ देता होगा बद-दुआ कोई
कोई करता मुझे भी याद बरसों तक
मियाँ मेरा भी रस्ता देखता कोई
अगर था 'इश्क़ तेरा आख़िरी मैं ही
तो मेरे बाद कैसे आ गया कोई
न जाने कौन रहता है मेरे दिल में
न जाने क्यूँ नहीं आने दिया कोई
भला कैसे बचा जाए मोहब्बत से
जहाँ-दीदा दिखाएँ रास्ता कोई
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