Azhar

@AzharShahid

Azhar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Azhar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

रकीबों की कही बातो पे झट से फ़ैसला कर के कहो अब क्या हुआ हासिल यूँँ हम को अलविदा कर के — Azhar

Ghazal

सुकूत-ए-शब दबोचे और अगले पल ही मारे दिन यहाँ पहले पहल बस रात थी किस ने उतारे दिन कभी जब दिल रहा महरूम फ़ुर्सत में ख़यालों से तो हम ने भी मरम्मत कर के मिसरों की गुज़ारे दिन हुए जबसे बड़े ख्वाईश रही की लौट आएँ बस वो बेफ़िक्री में हँसते खेलते बचपन के सारे दिन कहानी इब्तेदा-ए-इश्क़ की हमशक्ल है सबकी लगे है चाँद जैसी रात लगते हैं सितारे दिन हमें तो तीरगी में था सुक़ू अव्वल से आख़िर तक चलो सब रात मेरे और रख लो तुम हमारे दिन नमाज़ें भी शराबे भी कभी मोमिन कभी काफिर मेरी रातों ने तेरी हिज्र में यूँ यूँ गुज़ारे दिन हवा कुछ सर्द थी रंगो में वो थी और ख़ुशबू भी दिखाए इश्क़ ने अज़हर हमें कितने ही प्यारे दिन — Azhar
जुदास मुख़्तलिफ जो रंग सारे हैं हमारे हैं मगर इस शख़्सियत के सच में कितने ही ख़सारे हैं दिलों की खुशगवारी कब हमें यूँँ रास आई है हमें क्या मौसमों की फिक्र पतझड़ हैं बहारें हैं हमारी रहनुमाई भी हमारे सर ही आनी थी फ़क़त अक्स-ए-नज़र हैं ये मेरे जो भी सहारे हैं बहुत कुछ और कहती थी उदासी इन दरारों की मकानें तो बनाएं हम ने रिश्ते कितने मारे हैं हमें ऐ ज़िन्दगी ऐसे हुजूम-ए-ग़म से मत मिलवा तरस खा थोड़ा हम पर अपनी माँ के हम दुलारे हैं नहीं अब तितलियाँ आती मिरे गुलशन कि चौखट पर बता ये अहल-ए-गुलशन कैसी आफ़त के इशारे हैं — Azhar