हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Akhtar Shumar
SHER
मुहब्बत भी मुसीबत है करें क्या
मगर अपनी ज़रूरत है करें क्या
Akhtar Shumar
10
SHER
मुद्दतों में आज दिल ने फ़ैसला आख़िर दिया
ख़ूब-सूरत ही सही लेकिन ये दुनिया झूट है
Akhtar Shumar
9
SHER
मैं तो इस वास्ते चुप हूँ कि तमाशा न बने
तू समझता है मुझे तुझ सेे गिला कुछ भी नहीं
Akhtar Shumar
8
SHER
7
GHAZAL
हिसार-ए-क़र्या-ए-खूँबार से निकलते हुए
ये दिल मलूल था आज़ार से निकलते हुए
Akhtar Shumar
6
GHAZAL
पड़े थे हम भी जहाँ रौशनी में बिखरे हुए
कई सितारे मिले उस गली में बिखरे हुए
Akhtar Shumar
5
GHAZAL
सारी ख़िल्क़त एक तरफ़ थी और दिवाना एक तरफ़
तेरे लिए मैं पाँव पे अपने जम के खड़ा था एक तरफ़
Akhtar Shumar
4
GHAZAL
तिरे बग़ैर मसाफ़त का ग़म कहाँ कम है
मगर ये दुख कि मिरी उम्र-ए-राएगाँ कम है
Akhtar Shumar
3
GHAZAL
सितारा ले गया है मेरा आसमान से कौन
उतर रहा है 'शुमार' आज मेरे ध्यान से कौन
Akhtar Shumar
2
GHAZAL
उस के नज़दीक ग़म-ए-तर्क-ए-वफ़ा कुछ भी नहीं
मुतमइन ऐसा है वो जैसे हुआ कुछ भी नहीं
Akhtar Shumar
1
Kafeel Aazar Amrohvi
Afzal Khan
Azm Shakri
Majrooh Sultanpuri
Dushyant Kumar
Shahid Zaki
Ameer Qazalbash
Jawayd Anwar
Abhishek shukla
Meraj Faizabadi