हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
Amit Kumar
SHER
समेट के तिरी सारी की सारी तस्वीरें
ये सोचता हूँ मिरे हाथ कुछ नहीं आया
Amit Kumar
10
SHER
वो रूठ कर गया मुझ सेे ऐसे एक दिन की
जैसे था ही नहीं वो तो मेरे दस्तरस में
Amit Kumar
9
SHER
पहले ज़िंदगी के तुम अजाब देखो
फिर गर चाहो तो इस के ख़िताब देखो
Amit Kumar
8
SHER
पहले देखो तुम मटमैली जड़ को जाके
फिर गर चाहो तो सारे गुलाब देखो
Amit Kumar
7
SHER
पहले ज़िंदगी के तुम अजाब देखो
फिर गर चाहो तो इस के ख़िताब देखो
Amit Kumar
6
SHER
हालात मेरे यही कहते हैं क़िस्मत की सब
रेखाएँ ही काट कर मेरी हथेली बनी
Amit Kumar
5
SHER
देखो मिरी ज़िंदगी कैसे पहेली बनी
मैं ने उसे खोया जो थी बस अकेली बनी
Amit Kumar
4
SHER
ये निशानी रख लो अपनी पास अपने
क्या करूँँगा अब मैं इक पुर्ज़ा बचाकर
Amit Kumar
3
SHER
मिल गए दो किनारे आपस में
कितना गहरा है इस नदी का दुख
Amit Kumar
2
SHER
तेरा दुख मेरा दुख सभी का दुख
आदमी ही है आदमी का दुख
Amit Kumar
1
Shivang Tiwari
Mohiuddin Qamaruddin Ansari
Naaz ishq
DEEPAK CHATURVEDI
Sumit Panchal
Dinesh Sen Shubh
Abuzar kamaal
Vikash krishiv
Jaypratap chauhan
KUNAL
Get the app