हिन्दी
0
हिन्दी
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Leaderboard
Login
0
Home
Explore
Submit
Library
Profile
Top 10 of
KUNAL
SHER
ब्याह रचाया उस सेे कल इज़्ज़त लूट उस की परसों
बरी हुआ हूँ गुनाह कर के और ईनाम मिला है
KUNAL
10
GHAZAL
दिल जी अब एक सराए हैं
सब ग़म इस में रुकवाए हैं
KUNAL
9
GHAZAL
कुंडी लगा के रात से बैठा है कमरे में
रस्सी है वो है पटरा है पंखा है कमरे में
KUNAL
8
GHAZAL
कभी भी हो नहीं सकता ये प्यार आहिस्ता आहिस्ता
मगर हाँ दिल में भरता है गुबार आहिस्ता आहिस्ता
KUNAL
7
GHAZAL
मरने पे सबके रोता है कैसा है आदमी
सचमुच में ज़िंदा कब यहाँ होता है आदमी
KUNAL
6
GHAZAL
तुम अक्सर याद आते हो भुलाने के बहाने से
कहाँ फिर दिल सँभलता लाख समझाने बुझाने से
KUNAL
5
GHAZAL
मैं प्यार तो करता हूँ, मैं दिलदार नहीं हूँ
मैं वार तो करता हूँ , मैं तलवार नहीं हूँ
KUNAL
4
GHAZAL
निकला जन्नत से ये कफ़्फ़ार अभी ज़िंदा है
ऐ ख़ुदा तेरा गुनहगार अभी ज़िंदा है
KUNAL
3
GHAZAL
याद आती नहीं तेरी कब से
बात करनी नहीं तेरी अब से
KUNAL
2
GHAZAL
मैं आज तक सोचता यही हूँ तेरा कभी मैं हो क्यूँ न पाया
नहीं वफ़ा या नहीं मुहब्बत थी क्या कमी कुछ समझ न आया
KUNAL
1
Kartik tripathi
AYUSH SONI
Yusha Abbas 'Amr'
karan singh rajput
Amaan Haider
RAAHI
Zeeshan kaavish
SAAGAR SINGH RAJPUT
Abuzar kamaal
Gulshan
Get the app