amit kumar gangle

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@amitkumargangle

amit kumar gangle shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in amit kumar gangle's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Shayari
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Sher

हर शब कोई याद आ के जला जाती है मुझ को ये आग है ऐसी कि बुझा भी नहीं सकता — amit kumar gangle
साज़ है पर नवाज़िशें कम हैं दिल में छुपता जवाब है कोई — amit kumar gangle
कुछ लोग उठेंगे अभी कुछ बात करेंगे फिर आग लगाने में ज़रा देर लगेगी — amit kumar gangle
तन्हाई की चुप में भी गूँज रहा हूँ मैं काग़ज़ नहीं हूँ पर रोज़ लिखा जाता हूँ मैं — amit kumar gangle
ये शहर-ए-मोहब्बत है अजब इस की फ़ज़ा है जीना भी नहीं आता मैं जा भी नहीं सकता। — amit kumar gangle
तिरे ही देखने को चारा-गर ज़रा बीमार हो गए हैं हम — amit kumar gangle
ये चाल चलाने में ज़रा देर लगेगी हर बार हराने में ज़रा देर लगेगी — amit kumar gangle

Ghazal

Nazm

"ये साले आँसू" ये साले आँसू कभी चुपके से बह जाते हैं जैसे कोई चोर दिल से कोई राज़ चुरा ले गया हो। और कभी यूँँ ही बेवजह आँखों के किनारों पे आ खड़े होते हैं जैसे कह रहे हों हमें तो बस बहना है तुझे तकलीफ़ हो या न हो कोई हँसी की बात चले तो भी ये छलक जाते हैं जैसे इन्हें हर ख़ुशी में भी एक उदासी की दरार दिख जाती है मैं ने कई बार समझाया इनको मत बहो लोगों के सामने मत बहो वो मज़ाक़ उड़ाएँगे तुझे कमज़ोर समझेंगे मगर ये साले आँसू किसी की आँख की चमक में अपना दर्द देख लेते हैं किसी की ख़ामोशी में अपनी तन्हाई ढूँढ़ लेते हैं ये आँसू गवाही हैं उन ज़ख़्मों की जो दिखते नहीं मगर हर लम्हा रिसते हैं और अजीब बात ये है कि इन आँसुओं ने ही मुझे ज़िंदा रखा है वरना कब का टूट गया होता मैं अगर रो नहीं पाता — amit kumar gangle