Dr Saniya Tasnim

Dr Saniya Tasnim

@bestsaniya786

Dr Saniya Tasnim shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Dr Saniya Tasnim's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

हम शोर करते ख़ौफ़ में जब ख़ामुशी पास आती थी — Dr Saniya Tasnim
मैं हटा दीन दुनिया से तो यूँँ हुआ बंदगी भी गई ज़िन्दगी भी गई — Dr Saniya Tasnim
पर्दा रखती है रिश्ते का इज़्ज़त वो ही अस्तर है — Dr Saniya Tasnim
उसी के हैं दिन रात सारे हमें जो मुयस्सर नहीं है — Dr Saniya Tasnim
इश्क़ होगा फिर भला होगा मैं न कहता था बुरा होगा — Dr Saniya Tasnim
हर्फ़-ए-आख़िर है अगर तो रहने दीजे इब्तिदास इंतिहा तक का सफ़र है — Dr Saniya Tasnim
किसी को ख़ामोश कर पाऊँ कहाँ ऐसा शोर है मुझ में — Dr Saniya Tasnim
कैसे कैसे बस्ती में आए हैं ये काफ़िर कहते हैं पत्थर से मेरा ख़ुदा निकलेगा — Dr Saniya Tasnim
किताबें लिखना अच्छी बात है किताबें गर लगें लिखने तुम्हें — Dr Saniya Tasnim
मुझ में बसी है आदत-ए-अफ़्सुर्दगी कैसे बिताऊँ मैं मज़े की ज़िन्दगी — Dr Saniya Tasnim
पूरे दिन बस ये हूँ हल्ला कब चुप होगा ये मुहल्ला — Dr Saniya Tasnim
बड़े शोख़ हो तुम मियाँ पर नदामत ज़रा भर नहीं है — Dr Saniya Tasnim
आँखों के जो अंदर है आख़िर किस का वो घर है — Dr Saniya Tasnim
फ़ज़ा में हर-सू जो रा'नाई है ख़बर आमद की उन की आई है — Dr Saniya Tasnim
बहती रहती हैं हवाएँ उस की जानिब चेहरा उस का इक गुलिस्ताँ ठहरा जैसे — Dr Saniya Tasnim
बदलती रहती है रुत ख़मोशी से ये मौसम जैसे कोई मदारी है — Dr Saniya Tasnim
काफ़िर बुलाते हैं क्यूँँ बस्ती के मकीं मैं ने सुना था उसे भी हाँ इश्क़ है — Dr Saniya Tasnim
ये बाज़ार में फिरने वाले ये इक फ़िराक़ में फिरते हैं — Dr Saniya Tasnim

Ghazal