आँखों के जो अंदर है
जाने किस का वो घर है
पर्दा रखती है रिश्ते का
इज़्ज़त वो ही अस्तर है
खोले रखना दिल अपना
ग़म का ये इक दफ़्तर है
— Dr Saniya Tasnim
जाने किस का वो घर है
पर्दा रखती है रिश्ते का
इज़्ज़त वो ही अस्तर है
खोले रखना दिल अपना
ग़म का ये इक दफ़्तर है
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