हुस्न-ओ-फ़न का हो तो कैसा हो
कोई हो तो मेरे जैसा हो
मेरे सब दुख दर्द मिट जाएँ
यार कुछ तो कर कि ऐसा हो
जो नहीं है दस्तरस में वो
मेरा हो जाए तो कैसा हो
दिल लगे मेरा भी जीने में
ज़िन्दगी में कुछ तो वैसा हो
कम से कम निकले मगर फिर भी
जेब में मेरी भी पैसा हो
— Dr Saniya Tasnim














