किसी बात का डर नहीं है
हमारा यहाँ घर नहीं है
उसी के हैं दिन रात सारे
हमें जो मुयस्सर नहीं है
बड़े शोख़ हो तुम मियाँ पर
नदामत ज़रा भर नहीं है
— Dr Saniya Tasnim
हमारा यहाँ घर नहीं है
उसी के हैं दिन रात सारे
हमें जो मुयस्सर नहीं है
बड़े शोख़ हो तुम मियाँ पर
नदामत ज़रा भर नहीं है
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