10
39 Likes
9
40 Likes
मैं समझा था तुम हो तो क्या और माँगू
मेरी ज़िन्दगी में मेरी आस तुम हो
Read Fullमेरी ज़िन्दगी में मेरी आस तुम हो
8
62 Likes
कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं
तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
7
167 Likes
"मैं बिज़नेस-मैन हूँ जानम"
मेरी शोहरत मेरा डंका
मेरे ए'जाज़ का सुन कर
कभी ये न समझ लेना
मैं चोटी का लिखारी हूँ
मैं बिज़नेस-मैन हूँ जानम
मैं छोटा सा ब्योपारी हूँ
मेरी आरत पे बरसों से
जो महँगे दाम बिकता है
वो तेरे ग़म का सौदा है
तेरी आँखें तेरे आँसू
तेरी चाहत तेरे जज़्बे
यहाँ सेल्फों पे रखे हैं
वही तो मैं ने बेचे हैं
तुम्हारी बात छिड़ जाए तो बातें बेच देता हूँ
ज़रूरत कुछ ज़ियादा हो तो यादें बेच देता हूँ
तुम्हारे नाम के सदके बहुत पैसा कमाया है
नई गाड़ी ख़रीदी है नया बँगला बनाया है
मगर क्यूँ मुझ को लगता है
मेरे अंदर का ब्योपारी
तुम्हीं को बेच आया है
मैं बिज़नेस-मैन हूँ जानम
मैं बिज़नेस-मैन हूँ जानम
Read Fullमेरे ए'जाज़ का सुन कर
कभी ये न समझ लेना
मैं चोटी का लिखारी हूँ
मैं बिज़नेस-मैन हूँ जानम
मैं छोटा सा ब्योपारी हूँ
मेरी आरत पे बरसों से
जो महँगे दाम बिकता है
वो तेरे ग़म का सौदा है
तेरी आँखें तेरे आँसू
तेरी चाहत तेरे जज़्बे
यहाँ सेल्फों पे रखे हैं
वही तो मैं ने बेचे हैं
तुम्हारी बात छिड़ जाए तो बातें बेच देता हूँ
ज़रूरत कुछ ज़ियादा हो तो यादें बेच देता हूँ
तुम्हारे नाम के सदके बहुत पैसा कमाया है
नई गाड़ी ख़रीदी है नया बँगला बनाया है
मगर क्यूँ मुझ को लगता है
मेरे अंदर का ब्योपारी
तुम्हीं को बेच आया है
मैं बिज़नेस-मैन हूँ जानम
मैं बिज़नेस-मैन हूँ जानम
6
35 Likes
"याद है पहले रोज़ कहा था"
याद है पहले रोज़ कहा था
फिर न कहना ग़लती दिल की
प्यार समझ के करना लड़की
प्यार निभाना होता है
फिर पार लगाना होता है
याद है पहले रोज़ कहा था
साथ चलो तो पूरे सफ़र तक
मर जाने की अगली ख़बर तक
समझो यार ख़ुदा तक होगा
सारा प्यार वफ़ा तक होगा
फिर ये बंधन तोड़ न जाना
छोड़ गए तो फिर न आना
छोड़ दिया जो तेरा नहीं है
चला गया जो मेरा नहीं है
याद है पहले रोज़ कहा था
या तो टूट के प्यार न करना
या फिर पीठ पे वार न करना
जब नादानी हो जाती है
नई कहानी हो जाती है
नई कहानी लिख लाऊँगा
अगले रोज़ मैं बिक जाऊँगा
तेरे गुल जब खिल जाएँगे
मुझ को पैसे मिल जाएँगे
याद है पहले रोज़ कहा था
बिछड़ गए तो मौज उड़ाना
वापस मेरे पास न आना
जब कोई जा कर वापस आए
रोए तड़पे या पछताए
मैं फिर उस को मिलता नहीं हूँ
साथ दोबारा चलता नहीं हूँ
गुम जाता हूँ खो जाता हूँ
मैं पत्थर का हो जाता हूँ
5
194 Likes
Khalil Ur Rehman Qamar
4
18 Likes
अश्क-ए-नादाँ से कहो बा'द में पछताएँगे
आप गिरकर मेरी आँखों से किधर जाएँगे
आप गिरकर मेरी आँखों से किधर जाएँगे
अपने लफ़्ज़ों को तकल्लुम से गिरा कर जाना
अपने लहजे की थकावट में बिखर जाएँगे
इक तेरा घर था मेरी हद-ए-मुसाफ़ित लेकिन
अब ये सोचा है कि हम हद से गुज़र जाएँगे
अपने अफ़्कार जला डालेंगे काग़ज़ काग़ज़
सोच मर जाएगी तो हम आप भी मर जाएँगे
इस से पहले कि जुदाई की ख़बर तुम से मिले
हम ने सोचा है कि हम तुम से बिछड़ जाएँगे
3
50 Likes
2
52 Likes










