Tariq Naeem

Tariq Naeem

@tariq-naeem

Tariq Naeem shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Tariq Naeem's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

1

Content

12

Likes

136

Shayari
Audios
  • Sher(6)
  • Ghazal(6)

Sher

रात रो रो के गुज़ारी है चराग़ों की तरह तब कहीं हर्फ़ में तासीर नज़र आई है — Tariq Naeem
अब आसमान भी कम पड़ रहे हैं उस के लिए क़दम ज़मीन पे रक्खा था जिस ने डरते हुए — Tariq Naeem
मैं जल्दबाज़ी में ख़ुद ही उठा के ले आया मेरे बदन पे अभी काम होने वाला था — Tariq Naeem
ज़मीन इतनी नहीं है कि पाँव रख पाएँ दिल-ए-ख़राब की ज़िद है कि घर बनाया जाए — Tariq Naeem
पड़ने लगा था एक ख़लल सा उड़ान में रस्ते से आसमान हटना पड़ा मुझे — Tariq Naeem
अजीब दर्द का रिश्ता था सब के सब रोए शजर गिरा तो परिंदे तमाम शब रोए — Tariq Naeem

Ghazal

अब के बरस ये रंज उठाना पड़ा मुझे तुझ से मिले बग़ैर ही जाना पड़ा मुझे शहर-ए-गुमाँ में हसरत-ए-ता'बीर के लिए हर इक को अपना ख़्वाब सुनाना पड़ा मुझे पड़ने लगा था एक ख़लल सा उड़ान में रस्ते से आसमान हटना पड़ा मुझे मैं ने भी फ़त्ह कर के दिखाया वो शहर-ए-हुस्न हर चंद रास्ते में ज़माना पड़ा मुझे मैं ने ही रौशनी का बताया था और फिर पहला दिया जला के दिखाना पड़ा मुझे आगे निकल चुका था बहुत आसमान से तेरी सदा पे लौट के आना पड़ा मुझे शब की ये शर्त थी कि दिया तक न साथ हो जलता हुआ चराग़ बुझाना पड़ा मुझे 'तारिक़ नईम' यूँ ही सँवरने के शौक़ में ख़ुद को नए सिरे से बनाना पड़ा मुझे — Tariq Naeem