Vishesh asthana

Vishesh asthana

@vishesh_asthana

Vishesh asthana shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Vishesh asthana's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

हवस-परस्त तो नहीं तअल्लुक़ात तुम से ये कि उम्र इक गुज़ार दूँ ये इक ज़रा से बोसे पे — Vishesh asthana
सफ़र में तुम कभी तन्हा नहीं थे हमेशा साथ थे सपने तुम्हारे — Vishesh asthana

Ghazal

ज़रा से ग़म को ये लोग इतना बढ़ा चढ़ा कर दिखा रहे हैं ये आजकल के यहाँ के लौंडे हमें मोहब्बत सिखा रहे हैं तेरे दिए वो बदन के छाले मेरे बदन पर पड़े हुए हैं नहीं भरेंगे इसे कभी हम यही मोहब्बत निभा रहे हैं करो मोहब्बत ये शान से तुम ख़ुदा कहो इश्क़ में उसे तुम कि जान धड़कन गुलाब हमदम ये तो सभी ही बुला रहे हैं किसे पड़ी है तिरे यहाँ पर ये दर्द अपने छुपा के रख तू पता नहीं ये चले किसी को कि किस लिए मुस्कुरा रहे हैं मुझे तिरे हुस्न की ये बदबू यहाँ परेशान कर रही है नहीं थे इतने वो ख़ूब-सूरत कि लोग जितने बता रहे हैं वो ख़ुश बहुत हैं मेरे बिना भी ये देख अच्छा लगा हमें पर तेरे बिना जी नहीं रहे हम किसी तरह बस बिता रहे हैं — Vishesh asthana

Nazm

तस्वीर बड़े ही ग़ौर से देखें तिरी तस्वीर हम जैसे कि शायद ये किसी दिन बात कर के कुछ कहे हम से कि शायद हँस पड़े ये और फिर देखे नज़र भर के कहीं तस्वीर से बाहर निकल कर वो मिरे नज़दीक बैठे और छू कर कुछ असर कर दे ये पलकों पर छुपे से दफ़्न अश्कों को अमर कर दे कि बह ले आज फिर सारी हया को छोड़ कर कि बह ले आज फिर नाते सभी से तोड़ कर वे अपनी गोद में सर रख के मेरा जो कभी चू में ज़रा सा गाल मेरा वो कभी पूछे ज़रा सा हाल मेरा वो कि कैसे हम ने दिन ये सब गुज़ारे हैं हमेशा हर घड़ी हर दिन तुझे ही बस पुकारे हैं मगर तू तो कभी तस्वीर से बाहर न आ पाई कभी भी तू निकल कर सामने आ ही नहीं पाई किसी दिन हम तिरी तस्वीर देखें और ये सोचें कि ये तस्वीर ज़िंदा हो सके कैसे — Vishesh asthana