Zafar Zaidi

Zafar Zaidi

@zafar-zaidi

Zafar Zaidi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Zafar Zaidi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

1

Content

7

Likes

17

Shayari
Audios
  • Sher
  • Nazm

Sher

इक शजर ऐसा मोहब्बत का लगाया जाए जिस का हम-साए के आँगन में भी साया जाए — Zafar Zaidi

Nazm

हमारी दस्तरस में क्या है क्या नहीं ज़मीं नहीं ख़ला नहीं कि आसमाँ नहीं हमें तो सिर्फ़ सोचना ये चाहिए कि मुट्ठियाँ खुली रहें हथेलियों से उँगलियाँ जुड़ी रहें ज़मीं से पाँव पाँव से क़दम क़दम से रास्तों का सिलसिला बना रहे हमें तो सिर्फ़ देखना ये चाहिए कि जिस को लोग रद्द करें और अपनी दीद की ग़लीज़ चादरों से ढाँप कर शिकायतों से बाँध दें हमारे जिस्म मावरा हों उस ग़िलाफ़ से हमारी दस्तरस में क्या है क्या नहीं बस यही तो शर्त है हमारे जिस्म अन-गिनत रहें मगर हमारे सर जुड़े रहें रगों में प्यार का लहू रवाँ रहे बदन बदन जवाँ रहे ज़मीं रहे ख़ला रहे न आसमाँ रहे मगर हमें यही गुमाँ रहे हमारी दस्तरस में क्या नहीं — Zafar Zaidi