Zaman Zaidi ZAMAN

Zaman Zaidi ZAMAN

@zamanzaidizaman

Zaman Zaidi ZAMAN shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Zaman Zaidi ZAMAN's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

6

Content

11

Likes

56

Shayari
Audios
  • Sher(6)
  • Ghazal(4)
  • Nazm(1)

Sher

लम्हा-ए-वस्ल के गवाह फ़क़त या तो हम दोनों या सितारे थे — Zaman Zaidi ZAMAN
मैं तन्हा हूँ दयार-ए-महवशाँ में न हम सेर ही मुयस्सर हो सका है — Zaman Zaidi ZAMAN
तिलिस्मी हो गई ग़ज़लें, सदा के वास्ते मेरी पड़ा जब अक्स ग़ज़लों पर तिरे दस्त-ए-हिनाई का — Zaman Zaidi ZAMAN
जब भी मानी इश्क़ के पूछे गए वर्क़ पर उस ने लिखा, ज़े, मीम, नून — Zaman Zaidi ZAMAN
बे-बहर अश्आर की शमशीर ले कर हाथ में क़ातिलान-ए-उर्दू अब हर सू नज़र आने लगे — Zaman Zaidi ZAMAN
है गुज़ारिश आप से, महफ़िल में मत लाना उसे बे-बहर हो शे'र तो जंगल में छोड़ आना उसे — Zaman Zaidi ZAMAN

Ghazal

मिले न जब कहीं क़रार जौन को पढ़ा करो ग़मों में आएगा निखार जौन को पढ़ा करो किताब में उसी की सब निशानियों को देख कर रहो न तुम यूँँ अश्क़बार जौन को पढ़ा करो ये चार सू ग़ुबार जो यहाँ प तीरगी के हैं हटेंगे वो सभी ग़ुबार जौन को पढ़ा करो अगर तुम इंतिज़ार में रहो कहीं प मुब्तला मिलेगा लुत्फ़-ए-इंतिज़ार जौन को पढ़ा करो कि शाइरो की बज़्म में मिलेंगी तुम को इज़्ज़तें बढ़ेगा हर जगह वक़ार जौन को पढ़ा करो मिरे ग़मों से आश्ना रहोगी मेरी फ़ारेहा बना के ज़ुल्फ़-ए-बे क़रार जौन को पढ़ा करो ख़याल में हज़ार नाम आएँगे ज़रूर, पर सभी को कर के दरकिनार जौन को पढ़ा करो इलाज दर्द का कई दफ़ा तलब किया गया कहा ज़मन ने बार-बार जौन को पढ़ा करो — Zaman Zaidi ZAMAN

Nazm