जब कभी हो वो तन्हा सदा दे हमें
ऐ ख़ुदा इतना क़ाबिल बना दे हमें
सारी दुनिया मुहब्बत से डरने लगे
दिल लगाने की ऐसी सज़ा दे हमें
कोई बिछड़े तो हँस कर कहे अलविदा
तू हुनर कोई ऐसा सिखा दे हमें
मैं ख़ुदास हूँ नाराज़ बस इसलिए
मैंने उस सेे कहा था मिला दे हमें
ऐन मौक़े पे जाना तू दिल तोड़ कर
चोट ऐसी लगे जो रुला दे हमें
अब वो रौनक़ पलट कर नहीं आएगी
उस गली से भी कहना भुला दे हमें
ज़िन्दगी पे कोई कर्ज़ जैसे हैं हम
मौत आए तो कहना चुका दे हमें
'उम्र सारी तड़पते रहें हम 'अनस'
कोई इतनी बड़ी बद-दुआ दे हमें
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