maine haya ko 'ishq men aise tulu kiya | मैंने हया को 'इश्क़ में ऐसे तुलू किया

  - Anas Khan

मैंने हया को 'इश्क़ में ऐसे तुलू किया
जिस्मों को रख दिया परे दिल रूबरू किया

दीदार की तलब मुझे जब भी कभी हुई
देखा है उसको बाद में पहले वुज़ू किया

मैंने गले लगाया था पहले उसे मगर
पहले बदन को चूमना उसने शुरू किया

तुमने बहाए हिज्र में दो चार अश्क ही
मैंने तो अपनी आँख को है आबज़ू किया

आदत लगाई है मुझे रोने की आपने
क्यूँँ मुस्कुराहटों को यूँँ मेरा अदू किया

देखो हसीन लड़कियों अब रोक दो इसे
जो काम बे-वफ़ाई का तुमने शुरू किया

  - Anas Khan

Dil Shayari

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