रहमत-ए-रिज़्क की दुआ दीजेइश्क़ की राह का मज़ा दीजेआपसे भीख माँगते हैं हमहाथ फैलाए हैं वफ़ा दीजेमुझ से ग़लती हुई मेरे मुर्शिदमेरी ग़लती की अब सज़ा दीजेमैं हूँ बीमार कुछ इलाज करेंमेरे दर्दों की अब दवा दीजे— Arohi Tripathi