सभी की अपनी ख़ूबी अपनी ख़ामी
लिखो पहचान कर ख़ुद की कहानी
किसी भी 'उम्र में ये काम आनी
है वो ज़िंदादिली यानी जवानी
कहानी 'इश्क़ में आते नहीं और
सही है एक राजा एक रानी
अलावा इसके घू
मेंगे कहाँ पर
चलो कश्मीर से कन्या कुमारी
क़सम खाने से झूठी मैं मरूँगा
मरोगी तुम नज़र में ऐसे मेरी
मोहब्बत पल में मिल जाती किसी को
किसी ने ज़िंदगी सारी गँवानी
गया था घर से ना-उम्मीद कोई
नहीं करनी थी बातें ये हवाई
पता चल जाता ये रूठी है क़ुदरत
यकायक जब हो जाती है तबाही
मुसीबत में नहीं था साथ कोई
बनानी थी "धरम" ख़ुद की दवाई
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