लगा ये तजरबा ज़्यादा हमारा
ये भी इक वहम होता था हमारा
मिलेगा सीखने हर पल ही यारों
रखे बस याद ये वा'दा हमारा
मोहब्बत में दुआ देनी नहीं थी
लगा अच्छा जुदा होना हमारा
फ़क़ीरों ने दिए है छोड़ ये काम
सँभालो शायरों झोला हमारा
करेगा माफ़ माफ़ी माँगने से
बड़ा ही प्यारा है भोला हमारा
सँभाला क्यूँ नहीं जब हाथ में था
न आया काम अब रोना हमारा
बदल जाते यहाँ अच्छे भले लोग
नहीं मिलना धरम प्यारा हमारा
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