हुस्न-कारी की बात करता है
बे-क़रारी की बात करता है
वो जो है बावला मुहब्बत में
उस भिखारी की बात करता है
जान जाती है बे-ज़बाँ की पर
जग शिकारी की बात करता है
मुझ को सीधा समझ के हर कोई
होशियारी की बात करता है
हाथ ले कर के मेरा हाथों में
दुनियादारी की बात करता है
मुस्कुरा कर के बाप बच्चों से
ज़िम्मेदारी की बात करता है
— jaani Aggarwal taak















