वफ़ा का साथ लेकर भी मोहब्बत में मैं हारा था
जो सहरा देखते हो अस्ल में वो इक किनारा था
बताऊँ क्या तुझे मैं तू मुझे बस इतना प्यारा था
ख़ुदा होते हुए हर बार बस तुझको पुकारा था
मोहब्बत है मुझे लड़की कोई नाटक नहीं है ये
निकाला है जिसे दिल से सही में वो तुम्हारा था
गिरा है आसमाँ से जो किसी उम्मीद में टूटा
गिरा है आसमाँ से दिल दिखा तुमको सितारा था
मेरी थी बेबसी इतनी मोहब्बत भी दुआ पर थी
तेरे बिन वक़्त बस तेरी इबादत में गुज़ारा था
हमें उम्मीद थी इतनी कभी तो वो हमारा हो
हमारा ही नहीं था वो हमीं समझे हमारा था
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