दूर रौशनी हुई नसीब थे ढले हुएमैं ने की दुआ मगर क़ुबूल फ़ासले हुएबात पर यक़ीं नहीं तो नैन देख ले मेरेइंतिज़ार के दिए तेरे लिए जले हुए— Divya 'Kumar Sahab'