uski hi tasveer ko dil men rakha hai | उसकी ही तस्वीर को दिल में रखा है

  - Lalit Mohan Joshi

उसकी ही तस्वीर को दिल में रखा है
मैंने तो तनवीर को दिल में रखा है

नाम उसका है सजाया दिल में हमने
बाद फिर तक़रीर को दिल में रखा है

शायरी का है हुनर ये तब से आया
हमने जबसे मीर को दिल में रखा है

दे रहे हैं लोग अब तो ज़ख़्म यूँँ फिर
मैंने सबके तीर को दिल में रखा है

अब उसे कोई नहीं है चोट देता
जबसे इक तदबीर को दिल में रखा है

हो रहा है नाम दुनिया में ललित का
यानी ख़ुद तक़दीर को दिल में रखा है

  - Lalit Mohan Joshi

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