कह दिया है ज़िंदगी से अलविदाकह दिया है अब हँसी से अलविदाआज फिर पूछा है रोने का सबबज़िंदगी पूरी सभी से अलविदाआ गया इस मोड़ पर लगते सभीअब पराए सो सभी से अलविदाक्यूँ सहूँ अब बोझ मैं ये ज़िंदगीकह रहा हूँ मैं अभी से अलविदाक्या ललित है ये बताना है नहींअब चले हम सो ख़ुशी से अलविदा— Lalit Mohan Joshi