तुम्हारी तंज भरी बातें और भी बढ़िया
गुलाब ठीक है, पर काँटे और भी बढ़िया
तिरे बदन की बनावट भी बेशक अच्छी है
तिरी ग़ज़ाल सी ये आँखें और भी बढ़िया
तुम्हारे ख़्वाब तो हर रोज़ देखते है हम
मगर तुम्हारी मुलाक़ातें और भी बढ़िया
तुम्हारा कॉल या मैसेज भी तो प्यारा है
प गुफ़्तगू के लिए पर्चे और भी बढ़िया
हमारे शहर की हर राह है पसंद हमें
जो तेरे घर को चले राहें और भी बढ़िया
है ठीक ठाक 'मुसव्विर' की बातें सुन लो तो
पर उस से ज़्यादा तो है ग़ज़लें और भी बढ़िया
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