अब दिन ढले हैं दरिया तारीक लग रहा हैवो आख़िरी किनारा नज़दीक लग रहा हैजो हाल है कि तुझ से अब क्या कहें ख़ुदायाकुछ ठीक तो नहीं है पर ठीक लग रहा है— Nikhil Tiwari 'Nazeel'