उस को जब मैं पास बिठाया करता था
दुनिया जैसे भूल ही जाया करता था
भोली थी वो चाँद से खेला करती थी
मैं जुगनू को चाँद बताया करता था
इतना खो जाता था उस की आँखों में
चिड़िया उड़ में भैंस उड़ाया करता था
देव आनंद हुआ करता था उस का मैं
और किशोर के गाने गाया करता था
वो भी मुझ से इश्क़ की बातें करती थी
मैं भी उस के ख़्वाब में आया करता था
— Rohit tewatia 'Ishq'















