काम कुछ ऐसा करो तुमको लगे आसान है
दोस्त मेरी बात मानो प्यार में नुक़सान है
मैं किसी की याद में हँसता भी हूँ रोता भी हूँ
दिल में आने जाने वाला एक ही मेहमान है
कौन लाएगा मुझे वापस यहाँ जो मर गया
घर से मेरे दूर दरिया पास में श्मशान है
आप सबसे पूछते हैं किसने देखा है ख़ुदा
आप हमको ये बताएँ आपमें इंसान है
मैं मुहब्बत से मुहब्बत जीत सकता था मगर
है मुहब्बत जंग तो फिर जंग का ऐलान है
उसने मुझको देखकर पहले सी आँखें फेर लीं
और जो हैरान था वो आज भी हैरान है
आपको गर इश्क़ नामंज़ूर है तो क्या हुआ
हम अगर कर पा रहें हैं आपका एहसान है
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