
अरे हम हैं हमें कह दें जो भी सब आप के ग़म हैं
यही कुछ ख़ास दर्दों के हमारे पास मरहम हैं
नहीं है क्या कोई अब आप का हम-ग़म अरे हम हैं
अगर है सिर्फ़ तन्हाई तो क्या ग़म है अरे हम हैं
— Vr Hardik Jaiswal
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