agar baad-e-saba unse kabhi milnaa to ye kehna muhabbat chhod dii hamne | अगर बाद-ए-सबा उनसे कभी मिलना तो ये कहना मुहब्बत छोड़ दी हमने

  - Shajar Abbas

अगर बाद-ए-सबा उनसे कभी मिलना तो ये कहना मुहब्बत छोड़ दी हमने
निगाहों से जो महफ़िल में शरारत करते थे पहले शरारत छोड़ दी हमने

मुहब्बत में सियासत का चलन था हम भी हामी थे मुहब्बत में सियासत के
मगर जब वक़्त बदला तो मुहब्बत की मुहब्बत में सियासत छोड़ दी हमने

ज़माना था तुम्हारे दीद की हसरत किया करते थे हम शिद्दत से हर लम्हा
हमें क्या हो गया है अब तुम्हारी दीद करने की जो हसरत छोड़ दी हमने

कोई मरता है मर जाए बिखरता है बिखर जाए हमें इस सब से क्या लेना
मदद करने की जो हरकत किया करते थे पहले अब वो हरकत छोड़ दी हमने

'शजर' हमको बुजुर्गों की हुकूमत जो विरासत में मिली थी आज वो हमने
हमारा हौसला देखो तुम्हारे नाम पर अपनी हुकूमत छोड़ दी हमने

  - Shajar Abbas

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