
दर्द ग़म तकलीफ़ सब कुछ ही छुपाना पड़ता है
कोई पूछे कैसे हो तो मुस्कुराना पड़ता है
हाथ उस का थामकर अपना बना लूँ मैं मगर
बस हमारे बीच में 'चंदन' ज़माना पड़ता है
— Manoj Sharma "Chandan"
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