उस का चेहरा

सिंपल सादा सा भोला चेहरा है
यार क़सम से वो प्यारा चेहरा है
पेड़ नदी ये फूल सभी छोड़ो
उस को देखो उस का चेहरा है
दुनिया लाख हसीन हो सकती है
लेकिन उस का चेहरा चेहरा है
देख उसे कह डाला हम ने भी
बातें प्यारी हैं प्यारा चेहरा है
इक तिल होट पे, गाल के नीचे इक
और वो चाँद सा नाक पे नूर लिए
दो प्यारी आँखें, और सुर्ख़ से लब
प्यार मिलाकर अपना रंगों में
हम ने बनाया उस का चेहरा है
भोली सूरत पे वो अकड़ देखो
ग़लती कर के घुमाया चेहरा है
रूठ गई जो हम से कभी वो दोस्त
सब से पहले चुराया चेहरा है
जब भी उस को चूमने आए हम
होट से पहले आया चेहरा है
मुँह से इक वो स्वाद नहीं जाता
जबसे उस का चूमा चेहरा है
रात का होना उस की आँखें हैं
दिन का निकलना उस का चेहरा है
दुनिया में है उस के चेहरे से है नूर
रौशनी लाया उस का चेहरा है
हम जैसे भी दरिया करेंगे पार !
अब जो सहारा उस का चेहरा है
हम आबाद रहेंगे ऐसे ही
हम पे गर साया वो चेहरा है
वो चेहरा है बस वो चेहरा है
हम को बस वो चेहरा चेहरा है
हम ने चाहा बस वो चेहरा है
हम ने माँगा बस वो चेहरा है
हम ने देखा भी तो वो चेहरा
हम ने सोचा बस वो चेहरा है

— BR SUDHAKAR

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Saadgi Shayari

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