मिले बे-सहारा इनायत करेंगे
कि जब तक जिएँगे मोहब्बत करेंगे
नज़र चाहे जैसी लगी हो तुम्हारे
नज़र की नज़र से शिकायत करेंगे
ग़लत राह मुझ को बताया था जिसने
उसी शख़्स को हम हिदायत करेंगे
कि लहजा हमारा अगर ठीक होगा
सभी के दिलों में हुकूमत करेंगे
दग़ाबाज़ नज़दीक बैठें हमारे
कि कब तक हमीं ये शराफ़त करेंगे
गिरेबान अपना निहारा करो तुम
कि कब तक किसी से अदावत करेंगे
लिए जो मोहब्बत चली आ रही तुम
बुरा जो हुआ तो बग़ावत करेंगे
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