हाल-ए-दिल भी बता नहीं सकते
दिल भी उस का दुखा नहीं सकते
गालों पे है निशान बोसे का
साथ रह के मिटा नहीं सकते
बज़्म में हाथ थामा है उस ने
रिश्ता भी अब छुपा नहीं सकते
मेरे हर बात पर वो लड़ती है
उस से सच सच बता नहीं सकते
धमकी देती है जान देने की
हम उसे आज़मा नहीं सकते
उस ने हम को दिया हयात-ए-नौ
हम वो क़िस्सा भुला नहीं सकते
— Shubham Rai 'shubh'















