@raiatul343
Atul K Rai shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Atul K Rai's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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बहारें हों या वीरानी से सब जंगल गुज़रते हैं
रुदन हो हास्य हो सबको बराबर बाँटता है वो
इक दफ़ा बस इक दफ़ा उसको हमारे साथ कर
छत पे फिर से बैठ कर तारे गिनेंगे रात कर
खेल कोई हो विजयश्री प्रेम के हिस्से में लिख
जितने धोखेबाज़ हैं हिस्से में उनके मात कर
हमारी ख़्वाहिश है पेड़ जिसको लगाया तुमने हरा रहे बस
वगरना कोई भी घाव ऐसा नहीं है जिसकी दवा नहीं है