sunta kab hai vo kahaanii ko kahaanii kii tarah | सुनता कब है वो कहानी को कहानी की तरह

  - Aatish Indori

सुनता कब है वो कहानी को कहानी की तरह
जज़्ब मिट्टी में वो हो जाता है पानी की तरह

एक और वजह है जिस वजह से भाती हो मुझे
तुम सुनाती हो कहानी मेरी नानी की तरह

मत तलाशो किसी किरदार में अपनी ख़ुशबू
तुम कहानी को सुनो यार कहानी की तरह

आपको सूट पुराना ही पहन आना था
दूसरे रंग नहीं फबते हैं धानी की तरह

  - Aatish Indori

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