दर्द फिर से है उगा सिगरेट ला
मन बड़ा विचलित हुआ सिगरेट ला
दो पहर तो कट गए आराम से
सांझ आई दिन ढला सिगरेट ला
क्या हुआ क्यूँँ और कैसे छोड़ सब
दुखती रग को मत दबा सिगरेट ला
मेरी जीवन की लड़ी से इस ही पल
हो न जाए हादसा सिगरेट ला
साँस लेना चाहता हूँ चैन की
मुझको जीता जागता सिगरेट ला
रूह को ठंडक दिलाने के लिए
है वही इक आसरा सिगरेट ला
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