शहर वीरान हो गए होंगे

लोग बे-जान हो गए होंगे

रंग चेहरे का उड़ गया होगा
आप हैरान हो गए होंगे

क़ैद में इश्क़ आ गया होगा
हम ही ज़िंदान हो गए होंगे

नींद पलकों को छू गई होगी
ख़्वाब क़ुर्बान हो गए होंगे

फट गया होगा रेत में चश्मा
वो परेशान हो गए होंगे

आ गए होंगे कुछ पुराने मकीन
नए मेहमान हो गए होंगे

आप का सच किसी ने भी न सुना
झूठ आसान हो गए होंगे

आज मिल कर 'अवेस सय्यद' से
आप मस्तान हो गए होंगे

— Aves Sayyad

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