कुछ हसीं बात करो शहज़ादी
रात को रात करो शहज़ादी
हुस्न है हुस्न उतारो सदक़ा
दिल को ख़ैरात करो शहज़ादी
फिर कोई चाल चलो मुझ से नई
मुझ को शह-मात करो शहज़ादी
होंठ सिगरेट को नहीं छोड़ रहे
इक मुलाक़ात करो शहज़ादी
जड़ दिया मैंने अँगूठी में दिल
अब ज़रा हाथ करो शहज़ादी
तुमको करनी है हुकूमत लेकिन
'इश्क़ भी साथ करो शहज़ादी
आज साहिल पे ही ठहरे 'सय्यद'
कुछ करामात करो शहज़ादी
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