है कौन यहाँ दोस्त हमारा उसे कहना
सोचे ज़रा इक बार दोबारा उसे कहना
क्या याद है तुम को भी पुराने वो सभी दिन
कोई था तुम्हें जान से प्यारा उसे कहना
मौसम सभी बेकार नज़र आते हैं हम को
भाता नहीं कोई भी नज़ारा उसे कहना
— Karan Bedi
सोचे ज़रा इक बार दोबारा उसे कहना
क्या याद है तुम को भी पुराने वो सभी दिन
कोई था तुम्हें जान से प्यारा उसे कहना
मौसम सभी बेकार नज़र आते हैं हम को
भाता नहीं कोई भी नज़ारा उसे कहना
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