hai buland uskaa hi naam bewafaon men | है बुलंद उसका ही नाम बेवफ़ाओं में

  - Bhuwan Singh

है बुलंद उसका ही नाम बेवफ़ाओं में
इसलिए गिना जाता है उसे बलाओं में

अंधा होना लाज़िम था मैं था ही मोहब्बत में
रोज़ लेता था उसका नाम अप्सराओं में

ज़ख़्म आज भी मेरे ठीक हो नहीं पाए
ज़हर ही मिलाता था वो मिरी दवाओं में

रोज़ उसके ही ख़ातिर क्यूँँॅं करूँँ दुआएँ मैं
जब कसर नहीं छोड़ी उसने बद-दुआओं में

उसकी याद से इतना दूर आ गया हूॅं मैं
अब तो बस ख़ुदा दिखता है सभी दिशाओं में

मेरे खेत की ख़ुशबू मुझ तलक नहीं आती
कुछ तो बात है यारो शहर की हवाओं में

जाने किसके कहने पर काट लेंगे अपनी नस
सोचो कितना डर होगा आशिक़ों की माओं में

  - Bhuwan Singh

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